Political Storm Over Women’s Reservation

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर सियासी घमासान, योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर तीखा हमला

Yogi Adityanath launches scathing attack on Bengal elections

Political Storm Over Women’s Reservation

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ के पारित न हो पाने को लेकर विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन के रवैये ने “द्रौपदी चीरहरण” जैसी स्थिति की याद दिला दी और इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया।

सीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के उस दृष्टिकोण का जिक्र किया, जिसमें देश को नारी, गरीब, युवा और किसान—इन चार प्रमुख वर्गों में देखा गया।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसने हमेशा प्रगतिशील कदमों का विरोध किया है और जातिवाद की राजनीति के जरिए देश को कमजोर किया। योगी के अनुसार महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष के रवैये से देश की आधी आबादी में नाराजगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया गया था और इसे 2029 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार ने सभी पक्षों से चर्चा कर संशोधन लाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने समर्थन नहीं दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि संविधान निर्माण के समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया गया था, जिसका नेतृत्व भीमराव अंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं ने किया था।

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाले दलों ने अतीत में कई अहम मुद्दों पर विरोध किया है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और मातृ वंदना योजना—का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है।

उन्होंने अंत में कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।